साधारण ब्याज

मूलधन (Principle):- किसी व्यक्ति द्वारा किसी स्रोत से उधार लिया गया धन, मूलधन कहलाता है।

अथवा

जमा की गई या उधार (ऋण) ली गई धनराशि को, मूलधन कहते हैं।

इसे P या p से प्रदर्शित करते हैं।

समय (Time):- जितने वर्ष, महीने या दिनों के लिए धन उधार दिया या लिया जाता है, समय कहलाता है

अथवा

जिस निश्चित अवधि के लिए धन जमा रहता है या उधार (ऋण) रहता है, उस अवधि को समय कहते हैं।

इसे T या t से प्रदर्शित करते हैं।

ब्याज की दर या दर (Rate of Interest):- प्रति ₹100 के मूलधन पर प्रतिवर्ष दी या ली जाने वाली ब्याज को, ब्याज की दर या दर कहते हैं।

अथवा

₹100 के मूलधन पर 1 वर्ष के लिए प्राप्त ब्याज को ब्याज दर कहते हैं।

इसे R या r से प्रदर्शित करते हैं।

महत्वपूर्ण बिंदु:- 1. ब्याज की दर को प्रतिशत (%) के रूप में व्यक्त करते हैं।

2. ब्याज की दर प्रतिशत तिमाही, छमाही अथवा प्रति रुपया प्रति मास के रूप में भी प्रयुक्त होती है।

ब्याज (Interest):- जमा की गई अथवा उधार (ऋण) ली गई, धनराशि से जो ‘अधिक’ धनराशि ली जाती है अथवा दी जाती है, उसे ब्याज कहते हैं।

ब्याज निम्नलिखित तीन बातों पर निर्भर है:-

  1. कितना धनराशि जमा किया या उधार (ऋण) लिया?
  2. कितने समय के लिए धनराशि जमा किया या उधार (ऋण) लिया? 
  3. किस ब्याज दर पर धनराशि जमा किया या उधार (ऋण) लिया? 

ब्याज के प्रकार :- ब्याज दो प्रकार के होते हैं

  1. साधारण ब्याज
  2. चक्रवृद्धि ब्याज

साधारण ब्याज (Simple Interest):- यदि संपूर्ण ऋण अवधि में मूलधन एक ही रहे, तो उस राशि पर लगने वाला ब्याज, साधारण ब्याज कहलाता है।

अथवा

जब ब्याज केवल मूलधन पर निश्चित अवधि (समय) के लिए, एक ही दर पर लगाया जाता हैं, उसे साधारण ब्याज कहते हैं।

अथवा

यदि एक निश्चित समय अवधि के दौरान ली या दी गई धनराशि की, ब्याज दर एक समान रहती है, तो उसे साधारण ब्याज कहते हैं।

     ब्याज = (मूलधन × दर × समय) / 100

         दर = (ब्याज × 100) / मूलधन × समय

     समय = (ब्याज × 100) / दर × मूलधन

  मूलधन = (ब्याज × 100) / दर × समय

उदाहरणार्थ:- (1) राहुल ने बैंक से ₹5000, 4% वार्षिक ब्याज की दर से उधार लिया। 2 वर्ष बाद ब्याज की गणना कीजिए।

हल:-   मूलधन = ₹5000

            समय = 2 वर्ष

               दर = 4% वार्षिक

ब्याज = (मूलधन × दर × समय) / 100

        = (5000 × 4 × 2) / 100

        = 50 × 8

        = ₹400

अतः 2 वर्ष बाद ₹400 ब्याज देय होगी।

(2) ₹700 का 3 वर्ष के लिए 12% वार्षिक ब्याज की दर से साधारण ब्याज ज्ञात कीजिए।

हल:- मूलधन = ₹700

            समय = 3 वर्ष

               दर = 12% वार्षिक

ब्याज = (मूलधन × दर × समय) / 100

        = (700 × 12 × 3) / 100

        = 7 × 36

        = ₹252

अतः 3 वर्ष बाद ₹252 ब्याज देय होगी।

निम्नलिखित दोहे से भी ब्याज दर ज्ञात कर सकते हैं-

मूल , ब्याज दर , समय का , ओम गुणा कराय 

एक सौ से भाग दे , ब्याज तुरंत मिल जाए

मिश्रधन (Amount):- मूलधन और ब्याज के योग (जोड़) को, मिश्रधन कहते हैं।

अथवा

शर्त की अवधि पूर्ण होने पर जो धन ऋणी व्यक्ति द्वारा चुकाया जाता है, वह धनराशि मिश्रधन कहलाता है।

अथवा

मूलधन के साथ ब्याज को जोड़कर जो धनराशि दी या ली जाती है, उसे मिश्रधन कहते हैं।

इसे A या a से प्रदर्शित करते हैं।

साधारण ब्याज , मूलधन और मिश्रधन में संबंध:-

मिश्रधन = मूलधन + ब्याज

            = मूलधन + मूलधन × दर × समय / 100

मिश्रधन = मूलधन (1 + दर × समय / 100)

  ब्याज = मिश्रधन – मूलधन

मूलधन = मिश्रधन – ब्याज

उदाहरणार्थ:- (1) यदि मूलधन = ₹3500, समय = 2 वर्ष, ब्याज दर = 8% वार्षिक हो, तो ब्याज एवं मिश्रधन ज्ञात कीजिए।

हल:- मूलधन = ₹3500

          समय = 2 वर्ष

     ब्याज दर = 8% वार्षिक

ब्याज = (मूलधन × दर × समय) / 100

        = (3500 × 8 × 2) / 100

        = 35 × 16

        = ₹565

अतः 2 वर्ष बाद ₹565 ब्याज देय होगी।

(2) अशरफ ने साइकिल खरीदने के लिए बैंक से ₹2000, 5% वार्षिक साधारण ब्याज की दर से ऋण लिया और 2 वर्ष में ऋण चुका दिया। अशरफ ने बैंक को कितना ब्याज दिया? यह भी बताइए कि अशरफ ने बैंक को कितना धन लौटाया?

हल:- मूलधन = ₹2000

          समय = 2 वर्ष

     ब्याज दर = 5% वार्षिक

ब्याज = (मूलधन × दर × समय) / 100

        = (2000 × 5 × 2) / 100

        = 20 × 10

        = ₹200

अतः 2 वर्ष बाद ₹200 ब्याज देय होगी।

मिश्रधन = मूलधन + ब्याज

            = ₹2000 + ₹200

            = ₹2200

अतः अशरफ ने बैंक को ₹2200 लौटाया।

Everything check – completed

Plagrism not ok

Leave a Comment