भाज्य और अभाज्य संख्या किसे कहते है

भाज्य और अभाज्य संख्या किसे कहते है

अभाज्य संख्याएं:- ऐसी संख्याएं जो केवल 1 और स्वयं से ही पूरी-पूरी विभाजित होती हैं, अभाज्य संख्याएं कहलाती हैं।

अथवा

ऐसी संख्याएं जिनके अपवर्तक 1 और स्वयं वह संख्या ही होती है, अभाज्य संख्याएं कहलाती हैं।

अथवा

ऐसी संख्याएं जिनके केवल दो अलग-अलग गुणनखंड (1 तथा स्वयं वह संख्या) होते हैं, अभाज्य संख्या कहलाते हैं।

उदाहरणार्थ:-

संख्याअपवर्तक (गुणनखंड)
21, 2
31, 3
51, 5
71, 7
111, 11

इरेस्टोथेन्स की छलनी विधि :- 

महत्वपूर्ण बिंदु:- 

  1. 2 सबसे छोटी अभाज्य संख्या है।
  2. 2 सबसे पहली अभाज्य संख्या है।
  3. 2 एकमात्र सम अभाज्य संख्या हैं।
  4. 2 के अतिरिक्त सभी अभाज्य संख्याएं विषम है।
  5. 3 सबसे छोटी अभाज्य बिषम संख्या है।
  6. 3 सबसे पहली अभाज्य बिषम संख्या है।

भाज्य संख्याएं:- ऐसी संख्याएं जो 1 और स्वयं के अतिरिक्त अन्य संख्या/संख्याओं से भी पूरी-पूरी विभाजित होती हैं, भाज्य संख्याएं कहलाती हैं।

अथवा

वे संख्याएं जिनके दो से अधिक अपवर्तक होते हैं, भाज्य संख्याएं कहलाती हैं।

अथवा

ऐसी संख्या जिनके दो से अधिक अलग-अलग गुणनखंड होते हैं, भाज्य संख्याएं कहलाती हैं।

उदाहरणार्थ:-

संख्याअपवर्तक (गुणनखंड)
41, 2, 4
91, 3, 9
151, 3, 5, 15
181, 3, 6, 9 , 18
321, 2, 4, 8, 16, 32 

महत्वपूर्ण बिंदु:- प्राकृतिक संख्या 1 प्रथम श्रेणी में आता है। इसका केवल एक मात्र गुणनखंड स्वयं 1 है। इसलिए यह संख्या न भाज्य और न अभाज्य।

अभाज्य गुणनखंड:- यदि किसी संख्या के सभी गुणनखंड अभाज्य संख्याएं हो, तो वह अभाज्य गुणनखंड कहलाते हैं।

अथवा

किसी संख्या को पूर्णतः विभाजित करने वाली वह संख्या जो अभाज्य हो, अभाज्य गुणनखंड कहलाती है।

अथवा

कोई संख्या जिन-जिन अभाज्य संख्याओं से पूरी-पूरी विभाजित हो जाती है, वे संख्याएं उस संख्या की अभाज्य गुणनखंड कहलाती है।

उदाहरणार्थ:- संख्या 24 के अभाज्य गुणनखंड बताइए।

हल:- 90 = 2 × 45                      90 = 10 × 9

             = 2 × 3 × 15                     = 2 × 5 × 9

             = 2 × 3 × 3 × 5                 = 2 × 5 × 3 × 3

यहां 90 के उपर्युक्त दोनों प्रकार से किए गुणनखंडों में अंत में एक ही गुणनखंड 2 × 3 × 3 × 5 पाते हैं। इस गुणनखंड में केवल 2, 3 और 5 ही अभाज्य गुणनखंड है क्योकि ये दोनों अभाज्य संख्या हैं।

अभाज्य गुणनखंडन:- किसी संख्या के अभाज्य गुणनखंडों को गुणन (𝒂 × 𝒃 × 𝒄 × 𝒅 ×………) के रूप मे लिखने पर प्राप्त व्यंजक, अभाज्य गुणनखंडन कहलाता है।

उदाहरणार्थ:- संख्या 18 को अभाज्य गुणनखंडन के रूप में लिखिए।

हल:- 20 = 2 × 10                      20 = 4 × 5

             = 2 × 2 × 5                       = 2 × 2 × 5

संख्या 20 से प्राप्त अभाज्य गुणनखंड 2 × 2 × 5 अभाज्य गुणनखंडन के रूप का है।

महत्वपूर्ण बिंदु:- किसी भाज्य संख्या के अभाज्य गुणनखंडों की संख्या निश्चित होती है परंतु गुणनखंडों का क्रम कुछ भी हो सकता है।

किसी संख्या का अभाज्य गुणनखंड ज्ञात करने की विधि:-

  1. भाग विधि :- 
  1. गुणनखंड वृक्ष विधि :- 

सह-अभाज्य:- ऐसी दो संख्याएं जिनमें 1 के अतिरिक्त कोई अन्य उभयनिष्ठ (Common) गुणनखंड न हो, तो दोनों संख्याएं सह-अभाज्य संख्याएं कहलाती हैं।

उदाहरणार्थ:- (1) सिद्ध कीजिए 8 और 15 सह-अभाज्य संख्याएं हैं।

हल:- 8 का गुणनखंड = 1 × 2 × 4

                             = 1 × 2 × 2 × 2

       15 का गुणनखंड = 1 × 3 × 5

दोनों गुणनखंडों में एकमात्र उभयनिष्ठ गुणनखंड 1 है।

अतः 8 और 15 सह-अभाज्य संख्याएं हैं।

उदाहरणार्थ:- (2) क्या 7 और 13 सह-अभाज्य संख्याएं हैं?

हल:- 7 का गुणनखंड = 1 × 7

      13 का गुणनखंड = 1 × 13

दोनों गुणनखंडों में एकमात्र उभयनिष्ठ गुणनखंड 1 है।

अतः 7 और 13 सह-अभाज्य संख्याएं हैं।

उदाहरणार्थ:- (3) सिद्ध कीजिए 9 और 25 सह-अभाज्य संख्याएं हैं।

हल:- 9 का गुणनखंड = 1 × 3 × 3

       25 का गुणनखंड = 1 × 5 × 5

दोनों गुणनखंडों में एकमात्र उभयनिष्ठ गुणनखंड 1 है।

अतः 9 और 25 सह-अभाज्य संख्याएं हैं।

उदाहरणार्थ:- (4) क्या 11 और 36 सह-अभाज्य संख्याएं हैं?

हल:- 11 का गुणनखंड = 1 × 11

        36 का गुणनखंड = 1 × 2 × 18

                               = 1 × 2 × 2 × 9

                               = 1 × 2 × 2 × 3 × 3

दोनों गुणनखंडों में एकमात्र उभयनिष्ठ गुणनखंड 1 है।

अतः 11 और 36 सह-अभाज्य संख्याएं हैं।

उदाहरणार्थ:- (5) सिद्ध कीजिए 12 और 35 सह-अभाज्य संख्याएं हैं।

हल:- 12 का गुणनखंड = 1 × 2 × 6

                               = 1 × 2 × 2 × 3

         35 का गुणनखंड = 1 × 5 × 7

दोनों गुणनखंडों में एकमात्र उभयनिष्ठ गुणनखंड 1 है।

अतः 12 और 35 सह-अभाज्य संख्याएं हैं।

सह-अभाज्य संख्याओं की विशेषताएं:-

  1. सह-अभाज्य संख्याओं का अभाज्य संख्या होना आवश्यक नहीं है।
  2. सह-अभाज्य संख्याओं में एक सम तथा दूसरी विषम संख्या हो सकती है।
  3. सह-अभाज्य संख्याओं में दोनों सम संख्या हो सकती हैं।
  4. सह-अभाज्य संख्याओं में दोनों विषम संख्या हो सकती हैं।
  5. दो अभाज्य संख्याएं हमेशा सह-अभाज्य होती हैं।

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